Skip to main content

भारत के प्रमुख दर्रे, Most important India's passes

 तो नीचे की ट्रिक को आप अच्छे से रट लीजिये इसका Expalanation प्रत्येक राज्य के लिये अलग अलग दिया हुआ है !

GK Shortcut Tricks – बुका पीर जो बनी जमूरे , शिरोब हिमाचल , उत्तरी मालिनी , सी जैन , अरुणा यदि बो

 जम्मू – कश्मीर के प्रमुख दर्रे 

GK Shortcut Tricks  

बुका पीर जो बनी जमूरे

Explanation

बु – बुर्जिल दर्रा  ( बुर्जिल दर्रा श्रीनगर से गिलगित को जोडती है ! जो भारत को मध्य एशिया से जोडता है ! )

का – काराकोरम दर्रा ( लद्दाख क्षेत्र में स्थित काराकोरम दर्रा भारत का सबसे ऊँचा दर्रा 5624 मीटर है , यहाँ से चीन को जाने वाली एक सड़क बनाई गयी है ! )

पीर – पीरपंजाल दर्रा 

जो – जोजिला दर्रा ( श्रीनगर से लेह जाने का मार्ग गुजरता है ! )

बनी – बनिहाल दर्रा (बनिहाल दर्रे से जम्मू से श्रीनगर जाने का मार्ग गुजरता है , जवाहर सुरंग इसी में स्थित है ! )

जमूरे – जम्मू – कश्मीर में स्थित 

 हिमाचल प्रदेश  के प्रमुख दर्रे 

GK Shortcut Tricks

शिरोब हिमाचल

Explanation

शि – शिपकी ला दर्रा ( शिमला को तिब्बत से जोडता है ! ) 

रो – रोहतांग दर्रा

 – बडालाचा दर्रा

हिमाचल – हिमाचल प्रदेश में स्थित

 उत्तराखंड  के प्रमुख दर्रे 

GK Shortcut Tricks 

उत्तरी मालिनी

Explanation

उत्तरी – उत्तराखंड में स्थित

मा – माना दर्रा ( माना दर्रे से होकर तीर्थयात्री मानसरोवर झील के दर्शन हेतु जाते हैं ! )

लि – लिपुलेख दर्रा 

नी – नीति दर्रा

सिक्किम  के प्रमुख दर्रे 

GK Shortcut Tricks

सी जैन 

Explanation

सी – सिक्किम  में स्थित

जै – जैलेप ला दर्रा 

 – नाथू ला दर्रा

 अरुणाचल प्रदेश  के प्रमुख दर्रे 

GK Shortcut Tricks

अरुणा यदिबो

Explanation

अरुणा -अरुणाचल प्रदेश में स्थित

 – यांग्दाप दर्रा ( ब्रम्हपुत्र नदी इसी दर्रे से होकर भारत में प्रवेश करती है , यहां से चीन जाने के लिये मार्ग है ! )

दि – दिफ़ू दर्रा ( यह भारत को म्यांमार से जोडता है )

बो – बोमडिला दर्रा  ( यह दर्रा अरुणाचल प्रदेश को तिब्बत की राजधानी ल्हासा से जोड़ता है )

Note –

  • तुजु दर्रा – मणिपुर में स्थित है ! 
  • गोरानघाट दर्रा राज्स्थान की अरावली पर्वत श्रेणी में स्थित है ! 
  • खैबर दर्रा पाकिस्तान व अफगानिस्तान के बीच स्थित है !
  • आर्य खैबर दर्रे से होकर भारत में आए थे !

 दक्षिण भारत के प्रमुख दर्रे ( Passes of South India ) 

दोस्तो दक्षिण भारत में बस 3 ही दर्रे महत्वपूर्ण हैं जोकि आपको याद रखने हैं ! इसकी ट्रिक हम आपको नीचे दे रहे हैं जो कि क्रमश: ऊपर से नीचे हैं !

GK Shortcut Tricks

थाली में भोजन परोस 

Explanation

थाली – थालघाट ( महाराष्ट्र )

  • मुंबई से नासिक को जोडता है ! ( Trick -मुन्ना ( मुंबई से नासिक ) खाये थाली ( थालघाट ) में )
  • यह पश्चिमी घाट में स्थित है ! NH – 3 इसी से होकर गुजरता है ! 

भोजन – भोरघाट ( महाराष्ट्र )

  • मुंबई से पुणे को जोडता है ! ( Trick – मुंबई से पूना जाने में भोर ( सुबह ) हो गई )
  • यह पश्चिमी घाट में स्थित है ! NH – 9 इसी से होकर गुजरता है !

परोस – पालघाट ( केरल )

  • कोयंबटूर से कोचीन को जोडता है  ( Trick – कोकोपाल )
  • नीलगिरि की पहाडी में स्थित है !

Comments

Popular posts from this blog

समाजवाद का अर्थ, परिभाषा, सिद्धांत, विशेषताएं

समाजवाद का अर्थ, परिभाषा, सिद्धांत, विशेषताएं समाजवाद अंग्रेजी भाषा के सोशलिज्म (socialism) शब्द का हिन्दी पर्यायवाची है। सोशलिज्म शब्द की उत्पत्ति सोशियस socious शब्द से हु जिसका अर्थ समाज होता है। इस प्रकार समाजवाद का समबन्ध समाज और उसके सुधार से है। अर्थात समाजवाद मलू त: समाज से सम्बन्धित है और न्यायपूर्ण समाज की स्थापना के लिए प्रयत्नशील है। समाजवाद शब्द मुख्य रूप से तीन अर्थो में प्रयुक्त किया जाता है - यह एक राजनीतिक सिद्धांत है।  यह एक राजनीतिक आंदोलन है।  इसका प्रयोग एक विशेष प्रकार की समाजिक व आर्थिक व्यवस्था के लिये किया जाता है।  समाजवाद की परिभाषा  वेकर कोकर के अनुसार -  ‘‘समाजवाद वह नीति या सिध्दांत है जिसका उददेश्य एक लोकतांत्रिक केन्द्रीय सत्ता द्वारा प्रचलित व्यवस्था की अपेक्षा धन का श्रेष्ठ कर वितरण और उसके अधीन रहते हुए धन का श्रेृठतर उत्पादन करना है।’’  बर्नार्ड शॉ के अनुसार -  ‘‘समाजवाद का अभिप्राय संपत्ति के सभी आधारभूत साधनो पर नियंत्रण से है। यह नियंत्रण समाजवाद के किसी एक वर्ग द्वारा न होकर स्वयं समाज के द्वारा होगा और धीरे...

हीगल, मार्क्स , भौतिकवाद और चेतनवाद

हाॅब्स का व्यक्तिवाद

हाॅब्स का व्यक्तिवाद समाजवाद का अर्थ, परिभाषा, सिद्धांत, विशेषताएं हाॅब्स का व्यक्तिवाद  (Hobbes’s individualism)   हरमन का कथन है कि “यद्यपि हाॅब्स उन प्रतिबंधों को स्वीकार करता है, जिन्हें संप्रभु, व्यक्ति पर आरोपित कर सकता है तथापि उसके सिद्धांत में व्यक्तिवाद के शक्तिशाली तत्व मौजूद हैं। सेबाइन के अनुसार “लाॅक का पूर्वगामी होने के चलते हाॅब्स को पहला दार्शनिक माना जाता है, जिसके दर्शन में व्यक्तिवाद का आधुनिक तत्व मिलता है।” वेपर के शब्दों में, “सबसे बड़ी निरपेक्षवादी के रूप में प्राय: चित्रित हाॅब्स राजनीतिक चिंतन के इतिहास में शायद सबसे बड़ा व्यक्तिवादी है।” जब हम हाॅब्स के राजनीतिक दर्शन पर विचार करते हैं, तो पाते हैं कि उपरोक्त विद्वानों के कथन पूर्णतया सार्थक हैं। संप्रभु की असीम और निरपेक्ष शक्ति के सिद्धांत से जुड़े हुए हाॅब्स ने वस्तुतः शासक की निरपेक्षता और सर्व शक्ति को प्रधानता नहीं दी है। उसका शक्ति सिद्धांत, जैसा कि प्रोफ़ेसर सेबाइन कहते हैं व्यक्तिवाद का अनिवार्य पूरक है। इस संबंध में निम्नलिखित बातें उल्लेखनीय है: (1) हाॅब्स के संपूर्ण दर्शन में व्यक्तिवाद क...